L-carnitine को आमतौर पर अमीनो एसिड माना जाता है, हालांकि अगर तकनीकी रूप से बात करें तो ये अमीनो नहीं है। ये एक विटामिन जैसा और अमीनो जैसा कंपाउंड है। इसके बारे में पहली बार 1950 में स्टडी हुई थी और तब इसे विटामिन बीटी कहा गया था। एल कार्निटाइन दो तरह के अमीनो एसिड lysine और methionine से हमारे लिवर और किडनी में बनता है। हालांकि यह बॉडी में जमा कहीं और होता है। ये हमारी बॉडी में एनर्जी के प्रोडक्शन में अहम रोल अदा करता है।
L-carnitine फैटी एसिड को mitochondria में लेकर जाता है। mitochondria हमारी सेल्स में एक इंजन की तरह काम करता है। वह इन फैटी एसिड को एनर्जी में बदल देता है। कुल मिलाकर बात ये है कि L-carnitine फैट को एनर्जी में बदलने में मदद करता है। बॉडीबिल्डिंग में इसे एक फैट बर्नर के साथ साथ परफॉर्मेंस बढ़ाने वाली सपलीमेंट के तौर पर यूज किया जाता है। इस लेख में आप जानेंगे कि L-carnitine क्या है, ये क्या काम करता है। इसकी डोज कितनी होती है इसे कैसे और किस टाइम लिया जाता है और क्या वाकई आपको इसकी जरूरत है।
L-carnitine क्या होता है
Carnitine दो तरह का होता है D-carnitine and L-carnitine. इसकी L फॉर्म बाइलॉजिकली एक्टिव होता है। वहीं इसकी D फॉर्म बाइलॉजिकली इनएक्टिव होती है और इसे सपलीमेंट के तौर पर नहीं बेचा जाता। जब आप सपलीमेंट खरीदेंगे तो उस पर L-carnitine, L-carnitine L-tartrate या Propionyl-L-carnitine में से कुछ भी लिखा हो सकता है। कुल मिलाकर सबका मतलब एक ही होता है। जैसा कि हम ऊपर बता ही चुके हैं कि इसका काम होता है बॉडी में मौजूद फैट को एनर्जी में बदलने में मदद करना।
इसीलिए इसे एक फैट बर्नर के तौर पर यूज किया जाता है। जो लोग लीन गेन कर रहे होते हैं वह भी इसका यूज करते हैं। हालांकि रिसर्च ये कहती हैं कि सबसे अच्छा तरीका यही है कि इसे फूड सोर्स से लिया जाए। अलग से लेने पर वह उतने अच्छे ढंग से इस्तेमाल नहीं हो पाता। नॉन वेज में ये खूब पाया जाता है। वेज में सोयाबीन और दूध में यह मिलता है। हमारी बॉडी L-carnitine को खुद बनाती है और नॉन वेज से भी ये हमें मिल जाता है
L-carnitine के लाभ
1 ये फैट बर्नर की तरह काम करता है। अगर आप गेनिंग कर रहे हैं और L-carnitine ले रहे हैं तो बॉडी में एक्स्ट्रा फैट जमा होने से रोकता है। इससे आपको कुछ हद तक लीन गेन करने में मदद मिलेगी।
2 यह एनर्जी लेवल बढ़ाता है। हम पहले ही आपको बता चुके हैं कि यह फैटी एसिड को सेल्स में ले जाता हैं जहां उन्हें एनर्जी में तब्दील कर दिया जाता है। इससे आप खुद को एनर्जेटिक फील करते हैं। 3 इससे परफॉर्मेंस में सुधार आता है। आपकी बॉडी मसल्स में जमा एनर्जी को यूज करने की बजाए फैट से आने वाली एनर्जी का यूज पहले करती है।
4 कुछ रिसर्च में ऐसे नतीजे भी सामने आए हैं कि L-carnitine यूज करने वालों को औरों के मुकाबले कम थकान महसूस हुई। वैसे इसकी भी सीधी सीधी वजह है फैट का बर्न होकर एनर्जी में बदल जाना।
5 इसके अलावा इससे मसल्स की रिकवरी तेज होती है, ब्लड फ्लो बढ़ जाता है और बॉडी को अच्छा पंप मिलता है। ब्लड फ्लो तेज होने की वजह से बॉडी में पोषक तत्व उस जगह तक आसानी और तेजी से पहुंच जाते हैं जहां उनकी सबसे ज्यादा जरूरत होती है।
6 हालांकि यहां हम आपको ये जरूर बता देना चाहेंगे कि कई रिसर्च ऐसी कंपनियों की ओर से कराई जाती हैं जो खुद L-carnitine बनाती या बेचती हैं।
L-carnitine के साइड इफेक्ट
L-carnitine के कुछ साइड इफेक्ट भी सामने आए हैं, जिनमें से ज्यादातर की वजह ओवरडोज होती है। इसकी वजह से जी घबराना, पेट में ऐंठन होना, उल्टी और दस्त लग सकते हैं। कुछ मामलों में मसल्स का कमजोर पड़ जाना या दौरा भी पड़ सकता है। ऐसे लोग जिन्हें दौरे पड़ते हों वो इसे कतई यूज न करें। वैसे मुझे नहीं लगता कि आप इसे साइड इफेक्ट मानेंगे – कुछ स्टडी में ये कहा गया है कि L-carnitine की वजह से मर्दों की इरेक्टाइन डिस्फंक्शन की प्रॉबलम में सुधार आ जाता है। इसकी वजह से नीचे की ओर भी ब्लड फ्लो बढ़ जाता है और आप अंदाजा लगा ही सकते हैं कि नीचे की ओर ब्लड फ्लो बढ़ने का क्या मतलब होता है।
डोज और किस टाइम लेना चाहिए
सपलीमेंट सही ढंग से काम करे इसके लिए जरूरी है कि आप इसकी सही डोज लें और सही वक्त पर लें। रिसर्च कहती हैं कि L-carnitine मसल्स में तभी जाएगा जब आपका इंसुलिन लेवल ठीक ठाक हाई होगा। इसका ये मतलब है कि L-carnitine को अच्छे ढंग से काम करने के लिए कार्बोहाइड्रेट के साथ की जरूरत होती है, क्योंकि कार्ब से शु्गर लेवल बढ़ता है। वैसे तो दिन में एक ग्राम L-carnitine भी इफेक्टिव होता है मगर इसकी डोज आमतौर पर 2 से 3 ग्राम प्रतिदिन होती है। जब भी इसकी डोज लें साथ में 30 से 40 ग्राम कार्ब और 20 से 40 ग्राम प्रोटीन भी हो। कुल मिलाकर कहने वाली बात ये है कि इसे अपनी डाइट के साथ ही लें। इसे लेने का सबसे अच्छा समय वैसे तो वर्कआउट के बाद है, मगर आप दिन में कभी भी ले सकते हैं बस शर्त ये है कि आपको हाई कार्ब और हाई प्रोटीन डाइट के साथ इसे लेना चाहिए। अगर आप इसे फैट बर्नर के तौर पर यूज करना चाहते हैं तो इसे दो टाइम के खाने के बीच में यूज करें।
L-carnitine के लिए टॉप फूड
बीफ – 85 ग्राम में 81एमजी
पोर्क – 85 ग्राम में 24एमजी
मछली – 85 ग्राम में 5एमजी
चिकन – 85 ग्राम में 3 एमजी
दूध – 227 एमएल में 8एमजी
मुझे इसे लेना चाहिए या नहीं
अगर आप नॉन वेज खाते हैं और कोई बीमारी नहीं है तो 99 फीसदी सही मानें कि आपकी बॉडी अपने हिसाब से वाजिब मात्रा में L-carnitine पैदा कर रही है। इसके लिए पैसे फूंकने की जरूरत नहीं है। अगर आप शाकाहारी हैं तो भी अपने दिमाग में यह वहम न पालें कि आपकी बॉडी में L-carnitine की कमी है। सच तो ये है कि L-carnitine वो सपलीमेंट है जिसकी बिना आपका काम बहुत अच्छे से चल जाएगा। बॉडी बिल्डिंग की दुनिया में हर रोज एक नया सपलीमेंट आ जाता है, इसका ये मतलब नहीं है कि आपको हर सपलीमेंट की जरूरत है। अगर आप ठीक से खा पी रहे हैं, वर्कआउट कर रहे हैं और कोई बीमारी नहीं है तो आपको इस सपलीमेंट की कोई जरूरत नहीं है।

