1️⃣ . कश्यप राजपूत कौन हैं। ?
कश्यप राजपूत महर्षि कश्यप के वंशज होने के कारण ये कश्यप राजपूत उपनाम लगाते हैं। ये मूलरूप से शैव धर्म को मानते हैं। कश्यप शैव समाज का इतिहासकाफी प्राचीनतम हैं। ... इतिहास कश्यप समाज का इतिहास हिन्दू धर्म ग्रंथों के अनुसार प्रथम चक्रवर्ती सम्राट हिरण्याक्ष इसी वंश में हुआ करते थे।
कश्यप राजपूत महर्षि कश्यप के वंशज होने के कारण ये कश्यप राजपूत उपनाम लगाते हैं। ये मूलरूप से शैव धर्म को मानते हैं। कश्यप शैव समाज का इतिहासकाफी प्राचीनतम हैं। क्योंकि सिंधु घाटी सभ्यताओं के जनक इनके आदिपूर्वज रहें हैं। कश्यप राजपूत सिक्ख, शैव व बौद्ध धर्म में पायें जाते हैं। इतिहास कश्यपसमाज का इतिहास हिन्दू धर्म ग्रंथों के अनुसार प्रथम चक्रवर्ती सम्राट हिरण्याक्ष इसी वंश में हुआ करते थे। कश्यप वंश से ही सूर्यवंश, इक्ष्वाकु वंश, व रघुवंश(जो बाद में अलग हो गए) की उत्पत्ति हुई हैं। उपनाम कश्यप राजपूत, मेहरा राजपूत, कश्यप, कहार, चन्द्रवंशी क्षत्रिय, डोगरा, जामवाल, राजपूत, क्षत्रिय, धीवर, झीवर, बर्मन, वर्मन, वर्धन, डेका, कलिता, कल्यान, भोई राजपूत, भोई, निषाद,गोंड, चोल, चेर, पाण्ड्य, मल्लाह राजपूत, मल्लाह, सूर्यवंशी क्षत्रिय, कीर, गंगापुत्र, अग्निकुल क्षत्रिय, वन्यकुल क्षत्रिय, वन्नियार, Vanniyar, किरात, बेस्ता, बेदार, पाण्ड्य, जाधव, भोयर, राज भोई, कोली, कोल, पल्लव, मुदिराजा, मुथुराजा, आदि 'महापुरुष व देव' महादेव शिव महर्षि कश्यप महर्षि कालू बाबा सम्राट हिरण्यकश्यप सम्राट इक्ष्वाकु सम्राट महाबली राजा वेन सम्राट जरासन्ध सम्राटवाणासुर निषादराज गुह्य एकलव्य श्री राम राजा ध्रुव राजा नल सम्राट स्कंदवर्मन राजा हरिश्चंद्र महारानी दुर्गावती राजेन्द्र चोल महाराज गुलाब सिंह बाबामोतीराम मेहरा भाई हिम्मत सिंह झिंवर सन्त भीमा भोई.
2️⃣ . गोत्र और वर्ण अलग क्यों है (कश्यप कौन सी जाति होती है?)
गोत्र पहले आया फिर कर्म के अनुसार वर्ण व्यवस्था तय हुई. वर्णव्यवस्था में जिसने गुण-कर्म-योग्यता के आधार पर जिस वर्ण का चयन किया, वे उस वर्ण केकहलाने लगे. बाद में विभिन्न कारणों के आधार पर उनका ऊंचा-नीचा वर्ण बदलता रहा. किसी क्षेत्र में किसी गोत्र-विशेष का व्यक्ति ब्राह्मण वर्ण में रह गया, तोकहीं क्षत्रिय, तो कहीं शूद्र कहलाया.बाद में जन्म के आधार पर जाति स्थिर हो गयी.
यही वजह है कि सभी गोत्र सभी जातियों और वर्णों में हैं. कौशिक ब्राह्मण भी हैं, क्षत्रिय भी. कश्यप गोत्रीय ब्राह्मण भी हैं, राजपूत भी, पिछड़ी जाति वाले भी. वशिष्ठ ब्राह्मण भी हैं, दलित भी. दलितों में राजपूतों और जाटों के अनेक गोत्र हैं. सिंहल-गोत्रीय क्षत्रिय भी हैं, बनिए भी. राणा, तंवर, गहलोत-गोत्रीय जाट हैं, राजपूत भी. राठी-गोत्रीय जन जाट भी हैं, बनिये भी.
3️⃣ . कश्यप की कितनी जातीय समूहों?
ये कश्यप कश्यप राजपूत, मेहरा राजपूत, कहार,जामवाल, जाति समूह से सम्बन्ध रखते हैं। .
4️⃣ . ऋषि कश्यप के पिता कौन थे?
ऋषि कश्यप ब्रह्मा के मानस पुत्र मरीचि के पुत्र थे उनकी कुल सत्रह पत्निया थी जिनमे से 13 तो दक्ष प्रजापति की पुत्रिया थी और भी थी चार. ब्रह्मा नेसप्तऋषियों के अलावा प्रकृति को जीवन बसने के लिए 11 प्रजापतियों की भी रचना की थी उनमे से एक थे दक्ष प्रजापति जिनकी तरह पुत्रियों का विवाह ऋषिकश्यप के साथ हुआ था.
5️⃣. कश्यप गोत्र की कुलदेवी कौन है?
Kashyap Gotra Kuldevi
प्राचीन ग्रंथों में अदिति को कश्यप गोत्र की कुल देवी माना है। अदिति पुराण के अनुसार कश्यप ऋषि ने अपनी पत्नी अदिति के गर्भ से १२ आदित्यों को जन्मदिया था।
6️⃣. महर्षि कश्यप जयंती कब है
पांच अप्रैल को महर्षि कश्यप जयंती मनाई जाएगी
7️⃣ . डोगरा राजवंश
डोगरा राजवंश, उत्तर भारत का एक राजपूत राजवंश था। इस राजवंश की जड़ें इक्ष्वाकु वंश तक जातीं हैं। ये कश्यप कश्यप राजपूत, मेहरा राजपूत, कहार,जामवाल, जाति समूह से सम्बन्ध रखते हैं। .
7️⃣ . कश्यप राजपूत
कश्यप राजपूत महर्षि कश्यप के वंशज होने के कारण ये कश्यप राजपूत उपनाम लगाते हैं। ये मूलरूप से शैव धर्म को मानते हैं। कश्यप शैव समाज का इतिहासकाफी प्राचीनतम हैं। क्योंकि सिंधु घाटी सभ्यताओं के जनक इनके आदिपूर्वज रहें हैं। कश्यप राजपूत सिक्ख, शैव व बौद्ध धर्म में पायें जाते हैं। इतिहास कश्यपसमाज का इतिहास हिन्दू धर्म ग्रंथों के अनुसार प्रथम चक्रवर्ती सम्राट हिरण्याक्ष इसी वंश में हुआ करते थे। कश्यप वंश से ही सूर्यवंश, इक्ष्वाकु वंश, व रघुवंश(जो बाद में अलग हो गए) की उत्पत्ति हुई हैं। उपनाम कश्यप राजपूत, मेहरा राजपूत, कश्यप, कहार, चन्द्रवंशी क्षत्रिय, डोगरा, जामवाल, राजपूत, क्षत्रिय, धीवर, झीवर, बर्मन, वर्मन, वर्धन, डेका, कलिता, कल्यान, भोई राजपूत, भोई, निषाद,गोंड, चोल, चेर, पाण्ड्य, मल्लाह राजपूत, मल्लाह, सूर्यवंशी क्षत्रिय, कीर, गंगापुत्र, अग्निकुल क्षत्रिय, वन्यकुल क्षत्रिय, वन्नियार, Vanniyar, किरात, बेस्ता, बेदार, पाण्ड्य, जाधव, भोयर, राज भोई, कोली, कोल, पल्लव, मुदिराजा, मुथुराजा, आदि 'महापुरुष व देव' महादेव शिव महर्षि कश्यप महर्षि कालू बाबा सम्राट हिरण्यकश्यप सम्राट इक्ष्वाकु सम्राट महाबली राजा वेन सम्राट जरासन्ध सम्राटवाणासुर निषादराज गुह्य एकलव्य श्री राम राजा ध्रुव राजा नल सम्राट स्कंदवर्मन राजा हरिश्चंद्र महारानी दुर्गावती राजेन्द्र चोल महाराज गुलाब सिंह बाबामोतीराम मेहरा भाई हिम्मत सिंह झिंवर सन्त भीमा भोई.
8️⃣ . कश्यप गोत्र की कुलदेवी कौन है?
Kashyap Gotra Kuldevi
प्राचीन ग्रंथों में अदिति को कश्यप गोत्र की कुल देवी माना है। अदिति पुराण के अनुसार कश्यप ऋषि ने अपनी पत्नी अदिति के गर्भ से १२ आदित्यों को जन्मदिया था।
9️⃣ . महर्षि कश्यप जयंती कब है
पांच अप्रैल को महर्षि कश्यप जयंती मनाई जाएगी









